डेढ़ घंटे और महज एक मुलाकात, पीएम मोदी के यूएई दौरे के हैं कई खास मायने, जानें डिटेल


नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जी-7 की बैठक में अतिथि के तौर पर शामिल होने के बाद भारत वापस आ गए. लेकिन वापस आने के क्रम में उन्होंने महज डेढ़ घंटे के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का दौरा किया. यूएई का महज डेढ़ घंटे का यह दौरा भारत के लिए कई मायनों में खास रहा. सिर्फ डेढ़ घंटे के लिए जब पीएम मोदी अपने विमान से संयुक्त अरब अमीरात की धरती पर उतरे तो यूएई के राष्ट्रपति और दुनिया के सबसे अमीर राष्ट्रपति अबू धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने प्रोटोकॉल तोड़कर खुद स्वागत किया.

हालांकि पीएम मोदी का कार्यक्रम हाल ही में यूएई के पूर्व राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान के निधन पर शोक व्यक्त करना था लेकिन जिस गर्मजोशी के साथ राष्ट्रपति ने उनका स्वागत किया, उसके कई मायने निकाले जाते हैं.

यूएई का दौरा जी-7 सम्मेलन से भी खास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा जी-7 की बैठक से भी खास माना जा रहा है. जी-7 की बैठक के बाद प्रधानमंत्री भारत वापसी के दौरान यूएई में महज डेढ़ घंटे का दौरा किया. लेकिन डेढ़ घंटे और एक मुलाकात भारत के लिए बहुत खास है. अपने डेढ़ घंटे के दौरे में प्रधानमंत्री ने यूएई के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ मुलाकात की. इसके बाद दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई. पीएम का दौरा ऐसी पृष्ठभूमि में हुआ जब यूएई समेत खाड़ी के कई देशों की तरफ से पैगंबर मोहम्मद पर बीजेपी की प्रवक्ता की टिप्पणी को लेकर नाराजगी है. हालांकि भारत ने इसपर अपना स्टैंड साफ करते हुए कहा था यह भारत सरकार का मंतव्य नहीं है. भारत ने इस मामले में खाड़ी के देशों को अवगत करा दिया था.

खाड़ी देशों की नाराजगी को जड़ से मिटाने में मदद

विवादास्पद पृष्ठभूमि को दरकिनार करते हुए पीएम और यूएई के राष्ट्रपति के बीच कई महत्वपूर्ण बातचीत हुई. पीएम के दौरे से खाड़ी देशों की नाराजगी को जड़ से मिटाने में मदद मिलेगी. यूएई में भारत के सबसे अधिक लोग रहते हैं. दूसरी और भारत, इजराइल, संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक नया क्वाड बना है जिसे I2U2 कहा जा रहा है. अगले महीने I2U2 यानी पश्चिमी एशिया क्वाड का पहला सम्मेलन आयोजित होगा. इस क्वाड सम्मेलन में यूएई के राष्ट्रपति से पीएम मोदी की दोबारा मुलाकात होगी.

व्यापारिक साझेदारी बेमिसाल

भारत और यूएई के आपसी संबंध भी बहुत खास है और जिसकी मजबूती को व्यापार के आंकड़े भी बताते हैं. भारत संयुक्त अरब अमीरात का दूसरा बड़ा व्यापारिक पार्टनर है और UAE भारत का तीसरा बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर. दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत महज 88 दिन में पूरी हो गई. इसके अलावा जी-7 भले ही बड़ा मंच हो लेकिन कई मायनों में अगर अमेरिका को छोड़ दें तो भारत के हित के मामले में यूएई के आगे जी-7 का अन्य कोई देश नहीं ठहरता. 2021 में अमेरिका का बाद भारत का सबसे ज्यादा निर्यात यूएई को हुआ है. इसके अलावा भारतीय समुदाय के लोग भी यूएई में ज्यादा रहते हैं.

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